Monday, 16 October 2017

Bahubali was not supposed to be Prabhas, he wanted to do the work.

बाहुबली तो बनना ही नहीं था प्रभास को, ये काम करना चाहते थे


रुपेशकुमार गुप्ता, मुंबई। भारतीय सिनेमा की सबसे कमाऊ फिल्मों में एक बाहुबली के नायक प्रभास फिल्मी दुनिया में आना ही नहीं चाहते थे। उनका मन होटल इंडस्ट्री में काम करना था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

दुनिया भर में 1700 करोड़ का कारोबार करने वाली बाहुबली- द कन्क्लूजन के हीरो प्रभास ने पांच साल तक बाहुबली के दो भाग में काम किया। अब वो साहो में दिखेंगे। एक बातचीत के दौरान प्रभास ने कहा कि उन्हें फिल्मों में काम ही नहीं करना था। वह हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री में काम करना चाहते थे। इसके पीछे कारण यह कि वह बहुत शर्मीले स्वभाव के अभिनेता है और उन्हें समझ नहीं आता कि लोगों से कैसे बात करते है। उनके परिवार को हैदराबादी खाना बहुत पसंद भी है। वो नौकरी नहीं करना चाहते थे। लेकिन एक दिन 'चाचा जी' नाम की फिल्म देख रहे थे तब उनको लगा कि क्या वो चाचा जी बन सकते हैं और बस इसके बाद उनका मन बदलने लगा। इस मौके पर प्रभास ने यह भी कहा कि वह अब भी स्टारडम संभालने की कला सीख रहे हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता स्टारडम कैसे संभालते है। प्रभास ने यह माना कि वह इंटरव्यू देने में शर्माते है और चाहते है कि लोग उनकी फिल्में देखें पर लोगों से उन्हें मिलने का मौका न मिले।


इस मौके पर प्रभास ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में इतने समय से मौजूद होने के बाद भी उनके प्रसंशक दुखी रहते हैं कि उनका हीरो कहीं  दिखाई नहीं देता।

'Hate Story 4' to appear on this date next year, Urvashi Routela will appear in Female Lead

अगले साल इस तारीख़ को आएगी 'हेट स्टोरी4', फ़ीमेल लीड में दिखेंगी उर्वशी रौतेला



मुंबई। डायरेक्टर विशाल पंड्या हिट फ्रेंचाइजी 'हेट स्टोरी' को आगे बढ़ाते हुए इसका चौथा पार्ट लेकर आ रहे हैं। अब फ़िल्म की रिलीज़ डेट फिक्स हो गयी है। हेट स्टोरी4 अगले साल 2 मार्च को रिलीज़ होगी। 


फ़िल्म में उर्वशी रौतेला फ़ीमेल लीड रोल में हैं, जबकि टीवी एक्टर करण वाही मेल लीड में दिखायी देंगे। उर्वशी फ़िल्म में काफ़ी बोल्ड अंदाज़ में दिखने वाली हैं। उनका फ़र्स्ट लुक जारी किया गया है, जिसमें उनका सेंसुअल लुक सामने आ रहा है। ब्यूटी पेजेंट जीतने के बाद उर्वशी ने अपना करियर सनी देओल की फ़िल्म सिंह साहब द ग्रेट से शुरू किया था। 2016 में उर्वशी सनम रे और ग्रेट ग्रैंड मस्ती में दिखायी दीं। ग्रेट ग्रैंड मस्ती में उनका किरदार एख भूतनी का था। इसी साल रिलीज़ हुई काबिल में उर्वशी एक आइटम सांग में नज़र आयी थीं।

हेट स्टोरी फ्रेंचाइजी इरोटिक कंटेंट के लिए जानी जाती है। इसकी शुरुआत विवेक अग्निहोत्री निर्देशित 'हेट स्टोरी' से हुई थी, जिसमें पाउली डैम ने फ़ीमेल लीड रोल निभाया था। 'हेट स्टोरी 2' में सुरवीन चावला और 'हेट स्टोरी 3' में डेज़ी शाह और ज़रीन ख़ान ने फ़ीमेल लीड रोल्स निभाये थे।


हेट स्टोरी बॉक्स ऑफ़िस पर कामयाब फ्रेंचाइजी है। फ़िल्म की कहानी में सस्पेंस-थ्रिलर और बोल्डनेस के तड़के की वजह से ये फ्रेंचाइजी सक्सेसफुल रही है। हेट स्टोरी4 में उर्वशी के अलावा पंजाबी एक्ट्रेस इहाना ढिल्लों बॉलीवुड पारी शुरू करेंगी। इहाना ने पंजाबी फ़िल्म इंडस्ट्री में 'डैडी कूल मुंडे फूल' और 'टाइगर' जैसी फ़िल्मों में काम किया है। 

Body elections: fights in every party for tickets

Body elections: fights in every party for tickets
निकाय चुनाव : टिकट के लिए हर दल में मारामारी


लखनऊ तक दौड़ लगा रहे टिकट के इच्छुक

सब अपनी-अपनी गोट बिछाने में जुटे

एटा : निकाय चुनाव लड़ने को राजनीतिक दलों से टिकट पाने के लिए हर पार्टी में मारामारी की नौबत है। फिलहाल आवेदन लिए जा रहे हैं मगर दावेदार अपनी जुगत भिड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। निकाय अध्यक्ष पद के दावेदार लखनऊ तक दौड़ लगा रहे हैं।

चाहे भाजपा हो या सपा, बसपा, कांग्रेस। सभी दलों में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। राजनैतिक पार्टियां अभी तक अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों का पैनल नहीं बना पाईं हैं, लेकिन इसकी तैयारियों में जुटी हैं। पार्टियों की जिला इकाई को अध्यक्ष पद के दावेदारों के नाम देने को कहा गया है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। यही वजह है कि दावेदार लखनऊ तक दौड़ लगा रहे हैं। पार्टियों की कोशिश है कि अधिसूचना जारी होने से पहले ही किसी तरह प्रत्याशियों की घोषणा हो जाए, लेकिन खासतौर पर भाजपा और सपा में दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण नेतृत्व को माथापच्ची अधिक करनी पड़ेगी।

राजनैतिक दलों की ¨चता का दूसरा विषय यह भी है कि सभी को संतुष्ट करना वाकई कठिन काम है। राजनैतिक पार्टियां किसी को नाराज नहीं करना चाहतीं और बगावत से बचना चाहती हैं। इस समय स्थिति यह है कि हर पार्टी में सभी दावेदार चुनाव लड़ने के लिए कह रहे हैं। एटा शहर से ही समाजवादी पार्टी ने सात आवेदन अध्यक्ष पद के लिए आ चुके हैं। जबकि यह संख्या अभी और बढ़ सकती है। कमोवेश यही स्थिति भाजपा में भी है। कांग्रेस से शहर में दो आवेदन आ चुके हैं। बसपा भी तैयारियों में जुटी है और उसने चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी के लोगों से आवेदन मांगे हैं।

भाजपा की बैठक आज

------------------

निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की बैठक सोमवार को दोपहर 1 बजे से गांधी स्मारक इंटर कालेज में होगी। इस बैठक में निकाय चुनाव पर चर्चा की जाएगी।

पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी विक्रांत माधौरिया ने बताया कि निकाय चुनाव संबंधी बैठक में चुनाव की रणनीति तैयार होगी। इसमें जिला स्तर के पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य, सभी मंडल अध्यक्ष, जन प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

Civil Judge Bunny Arshi Noor

सिविल जज बनी अर्शी नूर


एटा: जनपद न्यायालय के सेवानिवृत्त प्रशासनिक सहायक नूरुल हसन की बेटी अर्शीनूर ने पीसीएस जे परीक्षा को उत्तीर्ण कर जनपद को गौरवांवित किया है। आयोग से उनका चयन सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर हुआ है। इससे पहले वे बुलंदशहर जिले में सहायक अभियोजन अधिकारी के पद पर तैनात थीं। उनके सिविल जज बनने पर मुमताज अली, शाहिना परवीन, जावेद हसन, डॉ. नीलोफर यासीन, केंद्रीय नाजिर नाजिम अली, सायरा बानो, हबीबुर्रहमान, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अरुण बोहरा आदि ने हर्ष व्यक्त किया।

Thursday, 5 October 2017

Businessman blows over GST, knock on suspicion

जीएसटी पर भड़के व्यापारी, शंकाओं को लेकर नोंक-झोंक


एटा : जीएसटी की क्या लाभ हैं और क्या प्रावधान, व्यापारियों को किस तरह से इसका लाभ हो सकता है, क्या करें, क्या न करें आदि शंकाओं का समाधान एटा के सांसद राजवीर ¨सह और विधायक विपिन वर्मा डेविड ने व्यापारियों के समक्ष किया। व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों से जीएसटी के बारे में सवाल किए और यह भी राय दी कि नियमों का सरलीकरण अगर हो जाए तो व्यापारियों को अच्छा लाभ मिल सकता है। सांसद, विधायक ने हर सवाल का जवाब दिया और कहा कि जीएसटी कोई हौवा नहीं है बल्कि यह सबके लिए हितकारी है, लेकिन व्यापारी इन दावों से संतुष्ट नजर नहीं आए और वे नाराजगी भी जता रहे थे। वे बार-बार भड़कते नजर आए।

यहां जैन धर्मशाला में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में सांसद ने कहा कि हो सकता है कि जीएसटी के प्रावधान कुछ लोगों की समझ में न आ रहे हों, लेकिन बार-बार इन प्रावधानों को समझाने के लिए ही इसकी कार्यशाला आयोजित की जाती हैं। ऐसा कोई नियम नहीं है जो इतना कठिन हो कि किसी की समझ में ही न आए।

इस बीच सांसद से व्यापारियों ने कई तरह के सवाल किए। किसी व्यापारी ने कहा कि जीएसटी से महंगाई बढ़ गई है और व्यापारियों को अपना माल बेचने में परेशानी आ रही है। इस पर सांसद ने कहा कि रोजमर्रा की चीजें सस्ती हुईं हैं।

इसके अलावा सदर विधायक ने भी जीएसटी से संबंधित सवालों के जवाब व्यापारियों को दिए। बीच-बीच में नेताओं से व्यापारियों की नोंक-झोंक भी होती रही। एक बार को लगा कि माहौल में तनातनी अधिक बढ़ रही है तो कुछ लोगों ने शांत कर दिया। इस मौके पर जिला उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. दिनेश वशिष्ठ, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा पंकज गुप्ता एडवोकेट, मारहरा के विधायक वीरेंद्र लोधी, सचिन उपाध्याय, प्रदीप भामाशाह, दुलारे ¨सह भदौरिया, कौशलेंद्र चौहान, सुशील गुप्ता, जिला महामंत्री व्यापार मंडल दिनेश वाष्र्णेय, युवा जिलाध्यक्ष अतुल राठी, अशोक सर्राफ कोषाध्यक्ष, अमित कुमार गुप्ता, डेविड जैन, गणेश वाष्र्णेय, साबिर मियां, मौ. असद, अमित गुप्ता, कैलाश जैन, वीपी ¨सह, संजू जैन, आदेश गुप्ता, प्रवेश मिश्रा, संजीव वाष्र्णेय, हरीश गुप्ता, अजीत गुप्ता, सुनील गुप्ता, नेवी जैन, पदमपाद जेन, सुन्नेश जैन, अर¨वद्र अग्रवाल आदि मौजूद थे।

व्यापारियों ने दिया ज्ञापन

व्यापारियों ने इस अवसर पर सांसद को वित्तमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी दिया। जिसमें व्यापारियों ने कहा है कि जीएसटी आधी-अधूरी तैयारियों के साथ लागू कर दी गई, जिसकी वजह से व्यापारियों को समझने में कठिनाई आ रही है। नियमों का सरलीकरण किया जाना चाहिए ताकि व्यापार चौपट न हो। इससे छोटे व मध्यम तबके के व्यापारियों के व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ज्ञापन में सात ¨बदुओं का जिक्र किया गया है।

Thursday, 28 September 2017

Gang rape with women

Gang rape with women
महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म

महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्ममहिला के साथ सामूहिक दुष्कर्मजागर!ा संवाददाता, एटा : निधौली कलां क्षेला की एक महिला के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया। मामल

एटा : निधौली कलां क्षेत्र की एक महिला के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया। मामला 17 सितंबर का है। एक महिला मूंगफली के खेत में काम कर रही थी। आरोप है कि तभी उसके गांव के सतेंद्र व संजीव कुमार वहां पहुंच गए और महिला के साथ दुष्कर्म किया। महिला ने चीखपुकार मचाई तो आसपास खेतों पर काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन आरोपी घटना को अंजाम देकर महिला को धमकी देते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़िता परिजनों के साथ थाने पहुंची, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद दर्जनों लोग पीड़िता को लेकर बुधवार को पुलिस कार्यालय आए और एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया को शिकायती पत्र दिया कि मामले की एफआइआर दर्ज कराई जाए। एसएसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Akhilesh and Mulayam Singh Yadav meet in Lucknow three months later

लखनऊ में तीन महीने बाद अखिलेश व मुलायम सिंह यादव की मुलाकात


लखनऊ में तीन महीने बाद अखिलेश व मुलायम सिंह यादव की मुलाकातलखनऊ में तीन महीने बाद अखिलेश व मुलायम सिंह यादव की मुलाकातलखनऊ में रहने के बाद भी करीब तीन महीने बाद अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव से भेंट की। मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की थी।
लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ताजनगरी आगरा में अगले महीने वाले वाले पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले लखनऊ में आज पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव से भेंट की। लखनऊ में रहने के बाद भी आज करीब तीन महीने बाद अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव से उनके आवास पर जाकर भेंट की। 

लखनऊ में समाजवादी पार्टी की राज्य कार्यकारिणी में आमंत्रित न होने के कारण व्यथित मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की थी। लखनऊ में दो दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव को बेहद घमंडी तक बताया था। इसके बाद माना जा रहा था कि वह नई पार्टी की घोषणा करेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि अखिलेश उनके बेटे हैं, इसलिए उनका आशीर्वाद उनके साथ है, लेकिन वह कई फैसलों पर वह अखिलेश यादव के निर्णय से जरा भी सहमत नहीं हैं। 

मुलायम सिंह यादव ने जब अखिलेश यादव के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रति नाराजगी जताई थी तो लगा कि वह अखिलेश यादव से बेहद नाराज हैं। अखिलेश यादव ने आज विक्रमादित्य मार्ग पर अपने ही घर से सटे मुलायम सिंह यादव के आवास में करीब तीन महीने बाद प्रवेश किया। उनको भी करीब 70 मीटर की मुलायम सिंह यादव के घर की दूरी तय करने में तीन महीने का समय लग गया।  अखिलेश यादव जब विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह यादव के घर में पहुंचे तभी से आकलन लगाया गया कि वह नाराज हो चुके नेताजी को मनाने गए हैं।

मुलायम कह चुके हैं कि पुत्र हैं अखिलेश तो आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने नयी पार्टी न बनाने का ऐलान करते हुए सपा से जुड़े रहने का बयान दिया था। मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि समाजवादी सोच वाले पार्टी से जुड़ें और सपा को मजबूत करें। 

इसके बाद से अखिलेश गुट के युवा नेताओं का मुलायम के घर जाने का सिलसिला बढ़ गया है। अखिलेश यादव ने भी मुलायम की प्रेस कांफ्रेंस के बाद ट्वीट कर नेताजी जिंदाबाद कहा था। अब देखना है कि मुलायम सिंह यादव को मनाने में अखिलेश कामयाब होते हैं कि नहीं। 

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज उनसे मुलाकात की और उन्हें 5 अक्तूबर को आगरा में होने वाले सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन का न्योता दिया। सपा प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश अपने पिता मुलायम से मुलाकात करने उनके घर गए और उन्हें 5 अक्तूबर को आगरा में होने वाले सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन का निमंत्रण दिया। इसी अधिवेशन में सपा के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है।

सुनील के मुताबिक- मुलायम ने राष्ट्रीय अधिवेशन का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। अखिलेश की मुलायम से मुलाकात कई महीनों बाद हुई है। सपा संस्थापक मुलायम ने गत 25 सितम्बर को लखनऊ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि चूंकि अखिलेश उनके पुत्र हैं, लिहाजा उनके साथ उनका आशीर्वाद है, लेकिन उनके कुछ निर्णयों से वह सहमत नहीं हैं।  इससे पहले 23 सितंबर को पार्टी के प्रान्तीय अधिवेशन में अखिलेश ने मुलायम का जिक्र करते हुए कहा था कि नेताजी का आशीर्वाद उनके साथ है और वह उनके आंदोलन को ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

इससे पहले भी लखनऊ में एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी तथा मुलायम सिंह यादव की कानाफूसी को सार्वजनिक करने का दावा किया था। अखिलेश से जब पूछा गया कि मुख्यमंत्री योगी के शपथ ग्रहण समारोह में मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कान में क्या कहा था तो उन्होंने कहा कि अगर मैं बता दूंगा तो आप लोग विश्वास नहीं करेंगे।

जब जोर दिया गया तो उन्होंने कहा कि पिता जी ने मोदी जी के कान में कहा था कि बच के रहना ये मेरा बेटा है। जब अखिलेश से पूछा गया कि क्या वाकई ऐसा कहा गया था तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि मैं बताऊंगा तो आप विश्वास नहीं करोगे।